ओलंपिक पदक विजेता भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने विनेश फोगाट के समर्थन में एक वीडियो जारी कर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कुश्ती चयन ट्रायल के नए नियमों को लेकर सरकार, खेल मंत्रालय और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। साक्षी का कहना है कि दुनिया के कई खेल संगठन मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों को वापसी का अवसर देते हैं, लेकिन भारत में नियमों को इतना सख्त कर दिया गया है कि खिलाड़ियों की वापसी मुश्किल हो जाती है।
“विनेश की राह रोकी जा रही है”, साक्षी मलिक का आरोप
साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर विचार कर रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है, लेकिन एक खिलाड़ी होने के नाते वह अन्याय पर चुप नहीं रह सकतीं। साक्षी ने आरोप लगाया कि नए नियमों के जरिए विनेश फोगाट को ट्रायल में हिस्सा लेने से रोका जा रहा है, जबकि वह देश के लिए पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।

WFI के नए नियमों से बढ़ा विवाद, ट्रायल से बाहर हो सकती हैं विनेश
भारतीय कुश्ती महासंघ ने 2026 एशियाई खेलों के लिए चयन ट्रायल के नए नियम जारी किए हैं, जिसके अनुसार केवल 2025 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, 2026 फेडरेशन कप और अंडर-20 चैंपियनशिप के पदक विजेता ही भाग ले सकते हैं। पिछले प्रदर्शन को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसी वजह से 10 महीने के बच्चे की मां विनेश फोगाट ट्रायल में हिस्सा लेने के योग्य नहीं मानी जा रही हैं। ट्रायल 30 और 31 मई को अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।
डोपिंग चेतावनी और नियमों के बीच फंसी विनेश फोगाट की वापसी
इस पूरे मामले के बीच विनेश फोगाट को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) की ओर से डोपिंग नियमों को लेकर चेतावनी भी मिली है। उन्होंने दिसंबर 2025 में एक आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट मिस किया था, जिसे लेकर यह कार्रवाई हुई है। WFI का कहना है कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होती है, जो विनेश के मामले में पूरी नहीं हुई है। वहीं विनेश ने ट्रायल में भाग लेने की मांग को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है, जबकि महासंघ अपने फैसले पर कायम है।

