पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट और नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह गुरुवार को अमृतसर पहुंचे। दोनों नेताओं ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका और पंजाब के बेहतर भविष्य के लिए अरदास की।
अमृतसर दौरे के दौरान सचिन पायलट ने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है और पुलिस भी सुरक्षित नहीं है।
2027 में बड़ी सफलता का दावा
स्वर्ण मंदिर में अरदास के बाद मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि उन्हें गुरु नगरी में आकर आशीर्वाद लेने का अवसर मिला। उन्होंने पंजाब के लिए बेहतर समय और खुशहाली की कामना की।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी सफलता मिलेगी। यह बयान उन्होंने अमृतसर में पंजाब कांग्रेस के नए नेतृत्व के साथ चुनावी तैयारियों की शुरुआत के दौरान दिया।
हालांकि, चुनावी नतीजों को लेकर किसी भी तरह का पूर्वानुमान अलग-अलग राजनीतिक दलों के दावों पर आधारित है।
CBI रेड पर क्या बोले सचिन पायलट?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कैंप ऑफिस में हुई CBI कार्रवाई को लेकर भी सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हुई है और उनका दावा है कि जांच के पीछे ठोस सामग्री मौजूद है।
वास्तव में, हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए CBI को FIR दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसके बाद CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया तथा कई स्थानों पर तलाशी ली।

CBI जांच को लेकर पंजाब सरकार की अलग राय
इस मामले में पंजाब सरकार का रुख कांग्रेस से अलग है। सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पंजाब सरकार की ओर से जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं और राजनीतिक संदर्भ का भी उल्लेख किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी CBI कार्रवाई के बाद कहा था कि एजेंसी को तलाशी में मिले सामान और नतीजों के बारे में सार्वजनिक जानकारी देनी चाहिए। वहीं AAP नेताओं ने केंद्र की एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
इस तरह CBI जांच को लेकर कांग्रेस और AAP की राजनीतिक व्याख्या अलग-अलग है, जबकि मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
परगट सिंह के साथ स्वर्ण मंदिर पहुंचे पायलट
सचिन पायलट और परगट सिंह के अमृतसर दौरे को पंजाब कांग्रेस के लिए संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परगट सिंह को हाल ही में पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ पायलट की मौजूदगी में पार्टी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
स्वर्ण मंदिर के अलावा दोनों नेताओं के दुर्गियाना मंदिर, रामतीर्थ मंदिर और सेंट पॉल चर्च जाने का कार्यक्रम भी था।
चुनाव से पहले कांग्रेस की नई रणनीति
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती है। नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और प्रभारी सचिन पायलट का अमृतसर दौरा इसी दिशा में पार्टी की गतिविधियों की शुरुआत के तौर पर सामने आया है।
कांग्रेस जहां AAP सरकार के खिलाफ कानून व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दे उठा रही है, वहीं AAP और पंजाब सरकार CBI कार्रवाई को लेकर अलग राजनीतिक और कानूनी पक्ष रख रहे हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और संगठनात्मक गतिविधियां दोनों तेज होने के संकेत हैं।

