पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। उपलब्ध इनपुट के मुताबिक, धमकी देने वाले व्यक्ति ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी के नेता रहे मलिक इशहाक के नाम का इस्तेमाल किया। मामले के बाद बिट्टू की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और धमकी की जांच की जा रही है।
फोन पर मिली धमकी
जानकारी के मुताबिक, रवनीत सिंह बिट्टू को फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। कॉल में कथित तौर पर विस्फोटक के जरिए हमला किए जाने की बात कही गई।
धमकी देने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर बिट्टू को निशाना बनाते हुए कहा कि उनके लिए एक किलो का डिब्बा तैयार रखा गया है और मौका मिलते ही हमला किया जाएगा। कॉल में कई लोगों के मारे जाने की भी धमकी दी गई।
हालांकि, इस कॉल के पीछे वास्तव में कौन व्यक्ति या संगठन है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही धमकी की वास्तविकता और स्रोत के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
मलिक इशहाक के नाम से आया फोन
बताया जा रहा है कि धमकी भरा फोन लश्कर-ए-झांगवी के नेता रहे मलिक इशहाक के नाम से दिया गया। मलिक इशहाक पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-झांगवी से जुड़ा प्रमुख नाम रहा था।
ऐसे मामलों में किसी आतंकी संगठन या उसके नेता के नाम का इस्तेमाल अपने आप में यह साबित नहीं करता कि धमकी उसी संगठन की ओर से दी गई है। इसलिए जांच एजेंसियों के लिए कॉल की तकनीकी जांच और उसके स्रोत की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
पहले काफिले पर हमले का दावा कर चुके हैं बिट्टू
धमकी की खबर ऐसे समय आई है जब रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में अपने काफिले पर कथित हमले का दावा किया था।
बिट्टू के मुताबिक, पंजाब के बटाला के पास आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को निशाना बनाया। वह पठानकोट में बीजेपी की ओर से आयोजित मादक पदार्थ विरोधी यात्रा में शामिल होने जा रहे थे।
उन्होंने दावा किया था कि 100 से अधिक लोगों ने उनके काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके।

दो वाहनों के शीशे टूटने का दावा
रवनीत सिंह बिट्टू के अनुसार, कथित हमले में काफिले के दो वाहनों के शीशे टूट गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि काफिले में शामिल जैमर वाहन को नुकसान पहुंचा।
बीजेपी नेता के मुताबिक, बटाला के पास काफिला धीमा होने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी घटना के दौरान पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था।
इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आने की बात कही गई थी।
गृह मंत्रालय को जानकारी देने का दावा
बिट्टू ने दावा किया था कि उन्होंने काफिले पर कथित हमले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दी है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उन्हें या उनके साथ मौजूद लोगों को कोई नुकसान होता है तो इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के DGP जिम्मेदार होंगे।
बताया गया कि घटना के बाद बिट्टू की सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा था। हालांकि, इस संबंध में भी आधिकारिक पुलिस कार्रवाई और आरोपों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच अहम
ताजा धमकी के मामले में फोन कॉल के स्रोत, कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान और इस्तेमाल किए गए नंबर की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि फोन करने वाले का किसी प्रतिबंधित संगठन से वास्तविक संबंध था या उसने केवल किसी आतंकी नाम का इस्तेमाल कर धमकाने की कोशिश की।
धमकी की गंभीरता को देखते हुए बिट्टू की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा सकती है।
कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। वह लोकसभा सांसद रह चुके हैं और केंद्र की पिछली सरकार में राज्य मंत्री भी रहे हैं। वर्तमान में वह बीजेपी से जुड़े हुए हैं।
बिट्टू पठानकोट में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से शुरू की जा रही मादक पदार्थ विरोधी यात्रा में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनके काफिले पर कथित हमले की बात सामने आई थी।
रवनीत सिंह बिट्टू को कथित तौर पर फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर हो गया है। धमकी को लश्कर-ए-झांगवी के नेता रहे मलिक इशहाक के नाम से जोड़ा जा रहा है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कॉल वास्तव में किसी आतंकी संगठन से जुड़ा था या किसी व्यक्ति ने उस नाम का इस्तेमाल किया। मामले में फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच से आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

