अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामला केवल कथित आर्थिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि काउंटिंग रूम में सुरक्षा नियमों के पालन और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान निर्धारित नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और कहीं इन कमियों का कथित चोरी से कोई संबंध तो नहीं था।
आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस
मामले में गिरफ्तार अविनाश शुक्ला से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। अधिकारियों ने उससे कथित तौर पर उसकी आय, मंदिर में कार्यकाल, चढ़ावे की रकम के प्रबंधन और नकदी बाहर ले जाने के संभावित तरीकों के बारे में सवाल किए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी बाकी है।

सुरक्षा व्यवस्था और काउंटिंग प्रक्रिया पर सवाल
जांच में सामने आया है कि काउंटिंग रूम में एक शिफ्ट में कई कर्मचारी मौजूद रहते थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ड्रेस कोड, फ्रिस्किंग (तलाशी) और प्रवेश-निकास से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था काउंटिंग रूम में ही होती थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही का फायदा उठाकर नकदी की हेराफेरी तो नहीं की गई।
SBI, ट्रस्ट और निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों के बयानों, बरामद दस्तावेजों और कैश रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। साथ ही मंदिर में चढ़ावे के नकदी प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने वाली बैंकिंग प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ प्रक्रियागत कमियों के संकेत मिलने के बाद संबंधित बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

