सफाई कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में गुरुवार को बुलाए गए पंजाब बंद का फिरोजपुर में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के प्रमुख बाजार, निजी स्कूल और कई निजी कार्यालय बंद रहे। पूरे दिन पुलिस की निगरानी में बंद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
बाजारों में पसरा सन्नाटा
पंजाब बंद के आह्वान का असर सुबह से ही फिरोजपुर शहर में दिखाई देने लगा। सदर बाजार, रेलवे रोड और अन्य प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। सामान्य दिनों की तुलना में सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शहर में असामान्य शांति का माहौल देखने को मिला।
निजी संस्थानों पर भी पड़ा असर
बंद के कारण कई निजी स्कूलों और निजी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। हालांकि, सरकारी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई जारी रही और सरकारी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। इससे स्पष्ट हुआ कि बंद का असर मुख्य रूप से निजी क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा।

कर्मचारियों की मांगों को लेकर उठी आवाज
रावण सी. अंबेडकर मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीप दशानन ने बरनाला में सफाई कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी पिछले लगभग 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से कच्चे सफाई कर्मचारियों को नियमित करने और लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। यह संबंधित संगठन का पक्ष है।
पुलिस रही पूरी तरह सतर्क
डीएसपी सुखविंदर सिंह ने बताया कि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे शहर में लगातार गश्त की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं और पूरे जिले में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
आगे क्या होगा?
सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी है और अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन आगे और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिरोजपुर में पंजाब बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसने सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। अब यह सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संवाद पर निर्भर करेगा कि इस गतिरोध का समाधान कितनी जल्दी निकलता है।

