पंजाब की राजनीति में नया विवाद उस समय खड़ा हो गया जब अकाल तख्त की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को धार्मिक कदाचार का दोषी घोषित किए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोल दिया है।
अकाल तख्त के फैसले के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
पंजाब में धार्मिक और राजनीतिक हलकों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब अकाल तख्त के जत्थेदार Giani Kuldeep Singh Gargaj की ओर से मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को धार्मिक कदाचार का दोषी घोषित किए जाने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।
कांग्रेस ने उठाई इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता Sukhjinder Singh Randhawa ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त के फैसले के बाद मुख्यमंत्री को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

सोशल मीडिया पर भी गरमाया मुद्दा
रंधावा ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब की जनता यह जानना चाहती है कि आम आदमी पार्टी सिख समुदाय की भावनाओं और धार्मिक संस्थाओं के सम्मान के साथ खड़ी है या नहीं। कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान से जुड़ा विषय बता रही है।
कांग्रेस का आरोप और राजनीतिक दबाव
पंजाब कांग्रेस ने भी अपने बयान में दावा किया कि अकाल तख्त के फैसले के बाद भगवंत मान नैतिक रूप से मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। पार्टी ने उनसे तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए राज्य सरकार पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद एक कथित वायरल वीडियो को लेकर सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख गुरुओं के चित्रों के संबंध में आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। इसी मामले को आधार बनाकर अकाल तख्त की ओर से कार्रवाई की गई। हालांकि इस मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे और तर्क सामने आ रहे हैं।
पंजाब की राजनीति पर पड़ सकता है असर
विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में धार्मिक संस्थाओं का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस विवाद का असर राज्य की राजनीतिक बहस और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया और अकाल तख्त के आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

