उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चर्चित नागरासू गुरुद्वारा विवाद को लेकर पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक और गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी सांप्रदायिक या बड़े टकराव का मामला नहीं, बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन और वहां पहुंचे कुछ निहंग श्रद्धालुओं के बीच हुए आपसी विवाद से जुड़ी थी।
लंगर को लेकर शुरू हुआ था विवाद
आईजी राजीव स्वरूप के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब कुछ निहंग श्रद्धालु गुरुद्वारे में लंगर ग्रहण कर रहे थे। किसी बात को लेकर उनकी गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्यों से कहासुनी हो गई। स्थिति बिगड़ने पर प्रबंधन की ओर से आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर कुछ श्रद्धालु घबरा गए और खुद को इमारत की छत पर बंद कर लिया।
डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से कई दौर की बातचीत की और उन्हें शांत कराया। आईजी ने बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य भी निहंग समुदाय से ही जुड़े हुए हैं, इसलिए यह मामला पूरी तरह आपसी विवाद का था, जिसे बातचीत के माध्यम से सुलझा लिया गया।

सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घटना को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया और इसे कर्णप्रयाग में हुई पुरानी झड़प से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया। प्रशासन का मानना है कि कुछ लोगों ने भ्रम और तनाव फैलाने के उद्देश्य से इस तरह की अफवाहें फैलाईं। आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और जो लोग गलत सूचना फैलाने के दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम और हेमकुंड यात्रा प्रभावित करने की आशंका
प्रशासन का मानना है कि अफवाहों का उद्देश्य चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को प्रभावित करना भी हो सकता है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आखिर किन कारणों से और किन लोगों द्वारा इस घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण बताई जा रही है तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रूप से जारी है।

