प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्धों को जल्द समाप्त करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद का हल युद्ध से नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से निकल सकता है। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान के साथ तनाव बढ़ गया। उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता के प्रयासों को समर्थन देना वैश्विक जिम्मेदारी है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ साझा किया दृष्टिकोण
दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड कानून के शासन, संवाद और कूटनीति के लिए मजबूत प्रतिबद्धता साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए लंबे समय तक प्रयास करेंगे। पीएम मोदी ने कहा, “सैन्य टकराव किसी विवाद का समाधान नहीं है। हमें उम्मीद है कि युद्ध जल्द खत्म होंगे और स्थायी शांति स्थापित होगी।”

यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता
पीएम मोदी ने वैश्विक अस्थिरता और अनिश्चितता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था, जिससे यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा संघर्ष शुरू हुआ। इस युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। अमेरिका और यूरोपीय देशों की मदद के बावजूद युद्ध लंबा खिंच रहा है। वहीं, पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, जिससे तनाव और बढ़ गया।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रभाव
हमलों के बाद ईरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने इजराइल और खाड़ी क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे। इस टकराव के कारण खाड़ी देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए। अब तक 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। संघर्ष के कारण विमान सेवाएं और ऊर्जा क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। भारत और यूरोप सहित कई देशों ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है और शांति स्थापित करने की अपील की है।

