बिहार में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के एक बयान को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मंत्री ने तेजस्वी यादव को बिहार सरकार के स्कूल में दाखिला लेकर 10वीं पास करने के बाद सरकार को सुझाव देने की बात कही थी। अब जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस बयान पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की शैक्षणिक योग्यता पर ही सवाल खड़े कर दिए।
क्या बोले शिक्षा मंत्री?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी यादव को सुझाव दिया था कि पहले वे बिहार सरकार के स्कूल में एडमिशन लेकर 10वीं की परीक्षा पास करें और उसके बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को सुझाव दें।
तेजस्वी यादव की ओर से इस बयान पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशांत किशोर ने साधा निशाना
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने शिक्षा मंत्री के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री ने तेजस्वी यादव को 10वीं पास करने की सलाह दी है तो अगली कैबिनेट बैठक में सम्राट चौधरी को भी तेजस्वी के साथ 10वीं की परीक्षा देने की सलाह दी जानी चाहिए।

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता और पढ़े-लिखे युवाओं की ओर से उनकी इच्छा है कि सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव दोनों अगली बार 10वीं की परीक्षा देकर पास हों, ताकि लोगों को भरोसा हो कि राज्य के नेता खुद भी मैट्रिक परीक्षा पास कर सकते हैं।
बीपी मंडल की जयंती पर कार्यक्रम
प्रशांत किशोर मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और समाजसेवी बीपी मंडल की 108वीं जयंती के मौके पर जन सुराज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम दरोगा प्रसाद राय पथ स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने शिक्षा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी।
किसानों के आंदोलन पर भी सरकार को घेरा
प्रशांत किशोर ने बिहार में किसानों के आंदोलन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 11 सैटेलाइट सिटी बनाने की योजना पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए मध्यम किसानों की जमीन को बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को कम कीमत पर देने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं, ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण कैसे किया जाएगा।
पीके ने कहा कि यदि किसानों और भूमिधारकों की जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

