पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार का बड़ा बयान सामने आया है। पिता भीम सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई और सीबीआई जांच की उम्मीद जाहिर की है।
अमित शाह पर जताया पूरा भरोसा
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के गृह मंत्री से कोई विरोध नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई होगी।
भीम सिंह ने यह भी कहा कि यदि कोई अमित शाह का विरोध करता है, तो वह इसे अपना विरोध मानेंगे। उन्होंने गृह मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।
सीबीआई जांच की उम्मीद
परविंदर झोटा की हत्या के बाद परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। उनके पिता ने उम्मीद जताई कि जल्द कार्रवाई होगी और मामले की जांच सीबीआई से कराई जाएगी।
परिवार का कहना है कि हत्या की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अब एक्शन कमेटी में बहू मनप्रीत होंगी शामिल
भीम सिंह ने एक्शन कमेटी को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह कमेटी की दो बैठकों में शामिल हुए थे, लेकिन अब आगे की बैठकों में उनकी जगह उनकी बहू मनप्रीत शामिल होंगी।
परिवार की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब झोटा की हत्या के बाद न्याय और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
परविंदर झोटा को सिख समुदाय का शहीद घोषित किया गया
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने परविंदर सिंह झोटा को सिख समुदाय का शहीद घोषित किया है। तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह के साथ उन्होंने मानसा पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान झोटा की स्मृति में अरदास भी की गई, जिसमें उनके पिता, परिवार के सदस्य और संगत शामिल हुई।
मेडिकल स्टोर में गोली मारकर हुई थी हत्या
परविंदर झोटा की मानसा के एक व्यस्त बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि वह एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने के आरोप में मेडिकल स्टोर संचालक से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान दुकानदार अश्वनी कुमार ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अब परिवार इस मामले में व्यापक जांच और न्याय की मांग कर रहा है।
नशे के खिलाफ लड़ाई को लेकर जताई चिंता
अकाल तख्त के जत्थेदार ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या और उसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परविंदर झोटा ने नशे के खिलाफ संघर्ष करते हुए जान गंवाई।
उनकी हत्या ने पंजाब में नशे के कारोबार और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिवार की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर है।

