ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के पास इतना पैसा कहां से आ रहा है। राजभर ने यह भी कहा कि जब लोगों का समर्थन नहीं है तो क्या उन्हें पैसे देकर रैली में लाया जा रहा है। एक नवंबर को होने वाली इस रैली में SIR की प्रक्रिया में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष अपनी आवाज उठाने वाला है।
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग संविधान को मानते ही नहीं हैं। उनका आरोप है कि विपक्ष के नेता आए दिन संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करते रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि जब भी वह विदेश जाते हैं तो भारत को कटघरे में खड़ा करते हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर तो चलते हैं लेकिन पता नहीं उसे पढ़ते भी हैं या नहीं।
SIR के मुद्दे पर राजभर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पहले भी चुनाव आयोग की ओर से SIR कराया जा चुका है। इस प्रक्रिया में मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और सही मतदाताओं के नाम व्यवस्थित किए गए हैं। राजभर के मुताबिक मौजूदा समय में भी यही काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को यह मौका दिया है कि अगर किसी बूथ की मतदाता सूची में गड़बड़ी मिलती है तो वे अपने बूथ एजेंट के जरिए उसे ठीक करा सकते हैं। ऐसे में केवल विरोध करने से समस्या का हल नहीं निकलेगा।
राजभर ने विपक्ष की रैली पर तंज कसते हुए कहा कि अगर बुखार आता है तो दवा खानी पड़ती है। केवल बुखार बुखार चिल्लाने से वह ठीक नहीं होता। इसी तरह अगर मतदाता सूची में कोई गलती है तो उसे ठीक कराने की जरूरत है।
ओम प्रकाश राजभर अक्सर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते रहते हैं। अब उन्होंने कांग्रेस को भी घेरा है और SIR के मुद्दे पर होने वाली विपक्ष की रैली को राजनीतिक कदम बताया है।

