असम के कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर विवाद लगातार गरमाता जा रहा है। इस मामले पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वह अपने निवेश प्रस्ताव के साथ सिंगापुर में थे, तभी सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें गौरव गोगोई कुछ युवकों को पाकिस्तानी दूतावास ले जाते हुए दिखे। उस समय पाकिस्तान के उच्चायुक्त भारत में अब्दुल बसीत थे। इस तस्वीर के जरिए गौरव ने किसी तरह पाकिस्तान को वैधता देने का प्रयास किया है।
कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जब इस तस्वीर को कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में देखा जाए तो यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। उन्होंने याद दिलाया कि असम के कैप्टन जिंतू गोगोई ने देश के लिए अपनी जान दी थी। इसके अलावा भी कई वीरों ने देश के लिए बलिदान दिया है। यह हर कोई जानता है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण थे और ऑपरेशन सिंधु चला था, तब देशवासियों ने प्रधानमंत्री का पूरी तरह समर्थन किया था। इस तस्वीर से देश के भावना के विपरीत संदेश जाता है।

मुख्यमंत्री के गंभीर आरोप और कांग्रेस पर सवाल
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी अन्य कांग्रेस नेता ने इतनी बड़ी टीम के साथ पाकिस्तान का दौरा किया हो। पहले तो उन्होंने सोचा था कि यह तस्वीर फोटोशॉप्ड होगी, लेकिन दो-तीन दिन बाद जब कांग्रेस नेताओं ने इस तस्वीर का समर्थन करना शुरू किया, तब उन्होंने सच का एहसास किया। उन्होंने कहा कि यह मामला अकेला नहीं है और इसकी पूरी तरह जांच होनी चाहिए।
गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा मामला, तीन मुख्य आरोपी होंगे जांच के दायरे में
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई गर्व की बात नहीं बल्कि देश के लिए चिंता का विषय है कि असम के एक सांसद के पाकिस्तान से संबंध हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में तीन प्रमुख लोगों का नाम है – सांसद गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिज़ाबेथ कॉलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख। अब गृह मंत्रालय इन सभी के खिलाफ जांच शुरू करेगा और इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करेगा।

