अगर आप एंड्रॉइड फोन इस्तेमाल करते हैं तो आपने कभी ना कभी Developer Options यानी डेवलपर विकल्प जरूर देखे होंगे। नाम सुनकर लगता है कि यह सिर्फ एंड्रॉइड डिवेलपर्स के लिए होता है। हालांकि यह बात आंशिक रूप से सही है, लेकिन इस सेक्शन में कई ऐसे सेटिंग्स होते हैं जो सामान्य यूजर्स के लिए भी बहुत काम के साबित हो सकते हैं। अगर आप इन सेटिंग्स को सही तरीके से कंफिगर करें तो आपका फोन ज्यादा स्मूथ चलेगा और परफॉर्मेंस भी टॉप क्लास होगी।
Background Activities की लिमिट सेट करें
एंड्रॉइड पर मल्टीटास्किंग बहुत आसान है, यानी एक साथ कई ऐप्स इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन यह आपके प्रोसेसर और बैटरी पर बोझ डालता है। इसलिए Developer Options में जाकर Background Process Limit को 2 या 3 पर सेट करें। इसका फायदा यह होगा कि एक बार में बहुत ज्यादा ऐप्स बैकग्राउंड में नहीं चलेंगे, जिससे फोन की स्मूथनेस बनी रहेगी और आप फास्ट रेस्पॉन्स पाएंगे। खासतौर पर पुराने या मिड-रेंज फोन में यह ट्रिक बहुत असरदार साबित होती है।

Logger Buffer Size कम करें
आपका फोन आपके सभी एक्टिविटीज को रिकॉर्ड करता है, जो डिवेलपर्स के लिए उपयोगी है। लेकिन सामान्य यूजर्स के लिए यह ज़्यादा मेमोरी और CPU पावर खर्च करता है। एंड्रॉइड डिफॉल्ट में बड़ा Logger Buffer Size सेट करता है, जिससे फोन की मेमोरी और प्रोसेसिंग पर असर पड़ता है। Developer Options में जाकर Logger Buffer Size को 64K या 256K पर सेट करें। अगर आप चाहें तो इसे पूरी तरह से भी बंद कर सकते हैं। इससे आपका फोन थोड़ा हल्का और तेज़ काम करेगा।
Force Peak Refresh Rate और Animation Scale बदलें
अगर आपको बैटरी की चिंता कम है और आप चाहते हैं कि फोन का डिस्प्ले बहुत स्मूथ चले, तो Force Peak Refresh Rate ऑप्शन ऑन कर दें। यह सेटिंग आपके फोन की स्क्रीन को अधिकतम रिफ्रेश रेट पर चलाएगी, जिससे स्क्रोलिंग और ऐप्स में नेविगेशन एकदम फ्लूइड और बेहतर होगा।
दूसरी तरफ, Animation Scale ऑप्शन में जाकर ऐप ट्रांजिशन और मेन्यू पॉप-अप की गति कम या पूरी तरह बंद कर सकते हैं। हाई-एंड फोन में ये एनिमेशन अच्छे चलते हैं, लेकिन मिड या लोएंड डिवाइसेज में ये परफॉर्मेंस धीमी कर सकते हैं। एनिमेशन को कम करने से फोन जल्दी रिस्पॉन्ड करेगा और आपका यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा।

