पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अटके संगठनात्मक फेरबदल को लेकर अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। पार्टी हाईकमान राज्य इकाई में व्यापक बदलाव की तैयारी में जुटा है और जल्द ही नए संगठन की घोषणा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
संगठनात्मक बदलाव अंतिम चरण में
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में नए संगठन की घोषणा इसलिए रुकी हुई है क्योंकि वरिष्ठ नेताओं की नई जिम्मेदारियों पर अंतिम मंथन चल रहा है। कांग्रेस नेतृत्व विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत और संतुलित स्वरूप देना चाहता है।
हाईकमान का फोकस अनुभवी नेताओं, सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए ऐसी टीम तैयार करने पर है जो आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूती दे सके।
दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर
बीते कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीति पर चर्चा की है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, राज्य इकाई में “स्ट्रक्चरल रीसेट” की घोषणा कभी भी की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख दावेदार हैं।

मुख्यमंत्री चेहरे पर अभी फैसला नहीं
कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के पक्ष में नहीं है। पार्टी की रणनीति है कि यदि सत्ता में वापसी होती है तो मुख्यमंत्री का चयन विधायक दल की राय के आधार पर किया जाएगा।
हाईकमान का मानना है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के बजाय संगठन को मजबूत करना अधिक महत्वपूर्ण होगा।
हिंदू-सिख और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी द्वारा अमन अरोड़ा को पंजाब अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस भी हिंदू और सिख दोनों समुदायों के बीच संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो प्रकरण और अकाल तख्त की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि पंजाब की सिख, विशेषकर जाट सिख राजनीति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए नए संगठन में जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव से पहले मजबूत टीम बनाने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व का उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर एक मजबूत और संतुलित संगठन तैयार करना है। पार्टी चाहती है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले अंदरूनी गुटबाजी को कम कर संगठनात्मक मजबूती हासिल की जाए।
यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल और नई जिम्मेदारियों की घोषणा जल्द ही की जा सकती है।

