NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में अब कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ने जा रही है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में स्थापित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट इस मामले की पहली सुनवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के उद्देश्य से गठित यह अदालत अब इस बहुचर्चित मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। छात्रों और अभिभावकों की नजरें भी इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत बनी विशेष अदालत
राउज एवेन्यू की यह स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट सार्वजनिक परीक्षा (गलत तरीकों से बचाव) अधिनियम, 2024 के तहत गठित की गई है। इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल तथा अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करना है। इसी व्यवस्था के तहत अब NEET UG पेपर लीक केस की सुनवाई भी इस विशेष अदालत में होगी।
जमानत याचिका पर होगी पहली सुनवाई
स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली सुनवाई में दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर विचार किया जाएगा। दोनों आरोपियों को NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत यह तय करेगी कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें जमानत दी जाए या नहीं। इस सुनवाई को मामले की न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

मामले पर देशभर की नजर
NEET UG परीक्षा से जुड़े विवाद ने देशभर में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत के बीच गंभीर चिंता पैदा की थी। इसी वजह से इस मामले की हर कानूनी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू होने से यह उम्मीद जताई जा रही है कि मामले का निपटारा सामान्य अदालतों की तुलना में अधिक तेजी से हो सकेगा।
राउज एवेन्यू की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होने वाली पहली सुनवाई NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है। जमानत याचिका पर अदालत का फैसला आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की गति को भी प्रभावित करेगा। अब सभी की निगाहें कोर्ट की कार्यवाही और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।

