आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए RSS प्रमुख मोहन भागवत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयानों का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने दोनों के कथित अलग-अलग संदेशों को लेकर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पोस्ट में साधा निशाना
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयानों का उल्लेख किया।
केजरीवाल ने लिखा, “मोहन भागवत जी कह रहे हैं कि हर हिंदू को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। रेखा गुप्ता कह रही हैं कि तीन से ज्यादा बच्चे होने पर दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बेचारा हिंदू अब कंफ्यूज हो गया है।”
यह टिप्पणी अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई है।
रेखा गुप्ता और मोहन भागवत से पूछा सवाल
अपने पोस्ट में केजरीवाल ने आगे कहा कि रेखा गुप्ता और मोहन भागवत मिलकर स्पष्ट करें कि हिंदू परिवारों को आखिर किस सलाह का पालन करना चाहिए।
उनका दावा है कि दोनों के बयानों से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?
दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह की सहायता देने का प्रावधान है।
योजना के लिए प्रमुख पात्रताएं इस प्रकार हैं:
- महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच हो।
- परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम हो।
- आवेदक कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की स्थायी निवासी हो।
- परिवार में तीन या उससे कम बच्चे हों।
इन शर्तों को पूरा करने वाली महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाता है।
मोहन भागवत ने क्या कहा था?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में हिंदू समाज के परिवारों को कम से कम तीन या उससे अधिक बच्चे पैदा करने की सलाह दी थी।
उन्होंने अपने वक्तव्य में गिरती जन्म दर, जनसंख्या संतुलन और जनसांख्यिकीय स्थिति का उल्लेख करते हुए यह बात कही थी। यह उनका सार्वजनिक बयान है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
दिल्ली लक्ष्मी योजना की पात्रता और मोहन भागवत के बयान को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। केजरीवाल ने इन्हीं दोनों मुद्दों को जोड़ते हुए BJP और RSS पर तंज कसा है।
हालांकि, इस टिप्पणी पर BJP, RSS या दिल्ली सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर उन्होंने सरकारी योजना की पात्रता शर्तों का हवाला दिया, वहीं दूसरी ओर मोहन भागवत के बयान को आधार बनाकर BJP और RSS पर सवाल उठाए। अब इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

