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Tuesday, August 18, 2026
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हरिद्वार जा रहे कांवड़िए की दर्दनाक मौत, NH-9 पर हादसे के बाद लगा लंबा जाम

हरिद्वार से गंगाजल लाने निकले 20 वर्षीय युवक का सफर गाजियाबाद में दर्दनाक हादसे के साथ खत्म हो गया। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में NH-9 पर देर रात हुए सड़क हादसे में कांवड़िए दीपांशु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और अन्य कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा और कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हरिद्वार जा रहा था चार दोस्तों का समूह

मृतक दीपांशु (20) नोएडा के गांव छलेरा का रहने वाला था। वह अपने तीन दोस्तों के साथ बाइक से हरिद्वार कांवड़ लेने जा रहा था। सभी श्रद्धालुओं का 5 अगस्त को गंगाजल लेकर वापस लौटने का कार्यक्रम था। परिवार के लिए यह धार्मिक यात्रा खुशियों का अवसर थी, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

ओवरटेक के दौरान हुआ भीषण हादसा

सोमवार देर रात जब दीपांशु की बाइक इंदिरापुरम क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे NH-9 पर पहुंची, तभी एक ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान उसकी बाइक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीपांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा उसका साथी मामूली रूप से घायल हो गया।

हरिद्वार जा रहे कांवड़िए की दर्दनाक मौत, NH-9 पर हादसे के बाद लगा लंबा जाम

हादसे के बाद हाईवे पर बढ़ा तनाव

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में कांवड़िए मौके पर पहुंच गए। नाराज लोगों ने NH-9 पर जाम लगा दिया, जिससे दिल्ली बॉर्डर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पहुंचे एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य और पुलिस टीम ने लोगों को समझाकर शांत कराया। कुछ समय बाद यातायात को सामान्य कराया गया।

CCTV से आरोपी वाहन की तलाश

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में अज्ञात ट्रक की टक्कर से हादसा होने की पुष्टि हुई है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी वाहन की पहचान कर चालक को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

NH-9 पर हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार की अपूरणीय क्षति नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी भी है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं। ऐसे में प्रशासन, वाहन चालकों और यात्रियों—तीनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। थोड़ी-सी लापरवाही किसी परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती है।

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