भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह न्यायालय से बरी होने के बाद पहली बार सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज का आशीर्वाद लेने आनंदम धाम आश्रम पहुंचे। बाराहघाट स्थित आनंदम वृंदावन आश्रम में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज से मुलाकात की, पूजा-अर्चना की और बाद में पत्रकारों से बातचीत भी की।
बोले- मेरे खिलाफ रचा गया था षड्यंत्र
पत्रकारों से बातचीत में ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोप एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थे। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों और अन्य समूहों ने उनके खिलाफ अभियान चलाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही अपनी बेगुनाही का दावा किया था और कहा था कि यदि एक भी आरोप सही साबित होता है तो वह स्वयं जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे।
न्यायपालिका पर जताया भरोसा
ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि न्यायपालिका ने उन्हें न्याय दिया और अदालत के फैसले के बाद उनका पहला कार्यक्रम सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज के दर्शन का था। उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्णय से पहले भी गुरुपूर्णिमा के अवसर पर वे नागपुर में सद्गुरु के दर्शन कर चुके थे। राजनीति में दोबारा सक्रिय होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय समय और ईश्वर करेंगे।

सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने क्या कहा?
सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि उन्होंने पहले भी ब्रजभूषण शरण सिंह को धैर्य बनाए रखने और धर्म के मार्ग पर चलने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने से उन्हें भी प्रसन्नता हुई है और उन्होंने ब्रजभूषण शरण सिंह को अपने पुत्र के समान बताया।
मामला क्यों रहा चर्चा में?
ब्रजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। यह मामला लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा। अब अदालत से राहत मिलने के बाद ब्रजभूषण शरण सिंह ने इसे न्याय की जीत बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

