मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने गुरुवार को ड्रग मामले में हिरासत में लेकर कई घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए राज्य सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने बताई हिरासत की वजह
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) नरेंद्र रावत के अनुसार, राजेंद्र नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इरफान खान उर्फ गोलू चंद्री और संजय कौशल उर्फ रानी भाई को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 10.8 ग्राम प्रतिबंधित ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर नाना पटवारी और मानव गंगवानी के नाम बताए, जिसके आधार पर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

आगे भी बुलाया जा सकता है
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और बाद में दोनों व्यक्तियों को उनके वकील की मौजूदगी में छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान आगे और जानकारी या सबूत की आवश्यकता हुई तो उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। साथ ही पूरे ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच जारी है।
कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
घटना के बाद जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कानून का इस्तेमाल कर रही है। पटवारी ने लिखा कि वह ऐसे दबाव से न डरेंगे और न ही झुकेंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

