दिल्ली में एक सरकारी शिक्षक द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक पर जनगणना ड्यूटी का लगातार दबाव बनाया जा रहा था और वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
परिवार ने सुनाई पूरी आपबीती
पीड़ित शिक्षक के जीजा विक्रम सिंह तोमर ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे घटना की जानकारी मिली। पुलिस शिक्षक को पहले हिंदू राव अस्पताल और बाद में सेंट स्टीफेंस अस्पताल लेकर गई। उन्होंने बताया कि शिक्षक पिछले दो से ढाई वर्षों से अस्थमा का इलाज करा रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद उन पर लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा था और मेडिकल लीव के लिए दिए गए आवेदन को भी मंजूरी नहीं मिली।

मेडिकल लीव नहीं मिलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि शिक्षक ने कई बार अधिकारियों को बताया था कि वह स्वास्थ्य कारणों से ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें काम जारी रखने के लिए कहा गया। परिवार का कहना है कि मानसिक और शारीरिक दबाव के कारण शिक्षक ने स्कूल की इमारत से कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उनकी जान बच गई।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित शिक्षक एमसीडी के अधीन कार्यरत थे और शास्त्री नगर क्षेत्र में रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और जांच जारी है।

