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Monday, April 20, 2026
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भारत-EU एविएशन डील, सेफ्टी और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने एविएशन मैन्युफैक्चरिंग और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक अहम समझौता किया है. यह समझौता यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) और भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के बीच हुआ है. इसका उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुसार उत्पादन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है.

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
इस समझौते से भारत में एविएशन प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलेगा, खासकर मेक इन इंडिया पहल के तहत. यूरोपीय मानकों के अनुरूप मैन्युफैक्चरिंग से भारतीय इंडस्ट्री को नई तकनीक और बेहतर गुणवत्ता हासिल होगी, जिससे देश का एविएशन सेक्टर और मजबूत होगा.

कर्नाटक में हेलिकॉप्टर असेंबली की तैयारी
इस डील के तहत कर्नाटक में Airbus Helicopters के H125/AS350 हेलिकॉप्टरों की असेंबली की योजना है. यह परियोजना भारत और EU के बीच एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग सहयोग को नई दिशा देगी और स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी.

EU-India समिट के बाद बढ़ा सहयोग
यह कदम जनवरी 2026 में हुई EU-India समिट के बाद उठाया गया है, जहां एविएशन सेफ्टी को प्राथमिकता दी गई थी. दोनों पक्ष अब इस क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं, ताकि उच्च सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा सके.

नई दिल्ली में वर्कशॉप का आयोजन
समझौते पर 23 मार्च को हस्ताक्षर किए गए, जिसके बाद 24 से 26 मार्च तक नई दिल्ली में एक क्षेत्रीय वर्कशॉप आयोजित की गई. इसमें एविएशन रेगुलेटर्स, एयरलाइंस और इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान ऑपरेशनल अनुभव साझा किए गए और सेक्टर की चुनौतियों पर चर्चा हुई.

सेफ्टी और ग्रोथ पर फोकस
इस पहल से भारत और EU के बीच नियामकीय सहयोग, सुरक्षा मानकों और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा. यह डील न सिर्फ एविएशन इंडस्ट्री के लिए अहम है, बल्कि भारत को वैश्विक एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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