DELHI NEWS(Pockets news): दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की वोट बचाओ देश बचाओ महारैली के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए साफ कहा कि चुनाव आयोग किसी की बपौती नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने रामलीला मैदान तक निकाले गए विपक्षी मार्च में हिस्सा लिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि संविधान और चुनाव आयोग किसी की निजी जागीर नहीं हैं। यह संस्था पूरे देश के लिए है और इसका काम निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराना है।
दरअसल INDIA गठबंधन के नेता पिछले कई दिनों से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बिना किसी दबाव के अपना काम करना चाहिए। नेताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि जब देश में चुनाव कराने की जिम्मेदारी इसी संस्था के पास है तो उसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।
रामलीला मैदान की इस रैली में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और आरजेडी समेत INDIA गठबंधन के कई दलों के नेता शामिल हुए। सभी ने अपने अपने तरीके से चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर चिंता जाहिर की।
अभिषेक मनु सिंघवी के बयान के बाद चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों और सवालों पर चुनाव आयोग की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

