Andhra Pradesh News(Pockets news): आंध्र प्रदेश चक्रवात अलर्ट के बीच राज्य में एक बार फिर मौसम बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से ताकतवर हो सकता है और इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई जा रही है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार 1 नवंबर को अधिकारियों के साथ बैठक की और राज्य में होने वाली तैयारियों का जायजा लिया।
मौसम के अनुमान के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र पहले गहरे दबाव में बदलेगा और फिर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। 2 नवंबर तक इसके पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। इसके बाद 3 नवंबर की सुबह बापटला के पास इसके आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तूफान के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपना दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित होने वाले इलाकों में पहले से जरूरी इंतजाम कर लिए जाएं ताकि लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 2 नवंबर को दक्षिण और मध्य तटीय आंध्र प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की आशंका है। वहीं 3 और 4 नवंबर को भी कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
सबसे ज्यादा चिंता उन 20 मंडलों को लेकर है जहां अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इनमें एलुरु जिले के 9 मंडल कृष्णा जिले के 5 एनटीआर जिले के 5 और बापटला जिले का एक मंडल शामिल है।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पिछले चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान और राहत कार्यों की जानकारी भी दी। बिजली आपूर्ति बहाल करने के काम पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि रविवार रात तक सभी प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल कर दी जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की नजर नए तूफान की चाल पर बनी हुई है और लोगों को सतर्क रहने की तैयारी की जा रही है।

