हरियाणा के पंचकूला स्थित फैमिली कोर्ट परिसर में चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंदोक और कुछ वकीलों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। सैन्य अधिकारी ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें बंधक बनाया गया और दबाव डालकर एक राजीनामा (समझौता) दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए। शिकायत के आधार पर सेक्टर-7 थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लेफ्टिनेंट कर्नल ने लगाए गंभीर आरोप
लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंदोक के अनुसार, वह अपनी पत्नी से जुड़े पारिवारिक मामलों की सुनवाई के लिए पिछले एक वर्ष से पंचकूला फैमिली कोर्ट आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सुनवाई के दौरान विपक्ष के अधिवक्ता मनिंदर सिंह बिट्टा और उनके साथियों ने पहले अभद्र व्यवहार किया और बाद में कोर्ट परिसर के बाहर अन्य लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें कथित रूप से एक अधिवक्ता के चैंबर में ले जाकर दोबारा पीटा गया और बिना दस्तावेज पढ़ने का अवसर दिए हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।

वकीलों ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, नामजद अधिवक्ता ने लेफ्टिनेंट कर्नल के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका दावा है कि कोर्ट रूम के भीतर सैन्य अधिकारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और बाहर भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वकील का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल का मेडिकल कराया गया, जिसमें रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से (कॉक्सिक्स) में चोट या फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है। हालांकि अंतिम मेडिकल राय अभी आना बाकी है। सेक्टर-7 थाना पुलिस कोर्ट परिसर की सीसीटीवी फुटेज जुटा रही है और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

