गोरखपुर में निर्माणाधीन विरासत गलियारे समेत कई विकास परियोजनाओं का कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को निरीक्षण किया। धर्मशाला से पांडेयहाता की ओर निर्माणाधीन विरासत गलियारे में कई जगह काम बंद मिलने पर उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार से नाराजगी जताई और परियोजना को तय समय में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
काम बंद मिलने पर ठेकेदार से मांगा जवाब
कमिश्नर ने मौके पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार से काम रुकने की वजह पूछी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब न आंधी है, न तूफान और न बारिश, तो काम क्यों बंद रखा गया है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 सितंबर तक विरासत गलियारे का काम हर हाल में पूरा किया जाए। देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बिजली के तार और नालों की व्यवस्था पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान सड़क के बाहर निकले बिजली के तार और नालियों में बारिश के पानी की उचित निकासी नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया। कमिश्नर ने नालों में होल बनाकर जाली लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्माण स्थल की नियमित सफाई, अतिक्रमण हटाने और काम की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

परमहंस योगानंद की जन्मस्थली का भी निरीक्षण
इसके बाद कमिश्नर ने परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का जायजा लिया। कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि निर्माण कार्य प्रगति पर है।
कमिश्नर ने मैनपावर बढ़ाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता और काम की गति दोनों बनाए रखने के निर्देश दिए। उनका जोर परिसर में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर रहा।
मल्टीलेवल पार्किंग जल्द शुरू कराने के निर्देश
कमिश्नर ने शहीद बंधु सिंह पार्क में नवनिर्मित मल्टीलेवल पार्किंग और व्यावसायिक भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नगर आयुक्त अजय जैन को पार्किंग का संचालन जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि इसका बेहतर उपयोग हो सके।
फोरलेन और रेल ओवरब्रिज की भी जांच
इसके बाद हार्बर्ट बांध से माधोपुर बांध तक बन रही फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ से माधोपुर बांध को जोड़ने वाले निर्माणाधीन रेल उपरिगामी सेतु का निरीक्षण किया गया। दोनों परियोजनाओं में काम की गति बढ़ाकर निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बच्चों से भी की बातचीत
हार्बर्ट बांध पर कमिश्नर ने स्कूल से घर लौट रहे बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय करने, नियमित पढ़ाई करने और अनुशासन के महत्व के बारे में समझाया। विकास परियोजनाओं के निरीक्षण के बीच बच्चों से उनका यह संवाद शिक्षा और बेहतर भविष्य के संदेश के रूप में भी सामने आया।

