back to top
Monday, April 20, 2026
Homeव्यापारकेंद्र सरकार बढ़ा सकती है HRA टैक्स छूट, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल...

केंद्र सरकार बढ़ा सकती है HRA टैक्स छूट, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल होंगे नए दायरे में

केंद्र सरकार जल्द ही हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर टैक्स छूट के नियमों में बदलाव कर सकती है। ड्राफ्ट इनकम-टैक्स नियम 2026 के तहत यह प्रस्ताव पेश किया गया है कि महंगे किराए वाले कुछ शहरों को ज्यादा HRA छूट वाले दायरे में शामिल किया जाए। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई तक सीमित है। लगातार बढ़ते मकान किराए और महंगे शहरों में रहने वाले कर्मचारियों की परेशानी को देखते हुए सरकार यह कदम उठा सकती है।

किन शहरों को मिल सकती है 50 प्रतिशत छूट

सरकार के प्रस्ताव में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों को 50 प्रतिशत HRA छूट वाले शहरों में शामिल करने की बात कही गई है। वर्तमान में इन शहरों में कर्मचारियों को 40 प्रतिशत छूट मिलती है। इस बदलाव से न केवल टैक्स में राहत मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों के लिए महंगे शहरों में रहने की आर्थिक चिंता भी कम होगी। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो इन शहरों के कर्मचारी भी मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों की तरह ज्यादा टैक्स छूट का फायदा उठाने में सक्षम होंगे।

केंद्र सरकार बढ़ा सकती है HRA टैक्स छूट, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल होंगे नए दायरे में

HRA छूट के नियम और कर्मचारियों को लाभ

मौजूदा नियमों के तहत HRA पर टैक्स छूट तय करने के लिए तीन अलग-अलग आंकड़ों की तुलना की जाती है। इसमें सबसे कम आंकड़े पर छूट मिलती है। पहला है कर्मचारी को मिलने वाला वास्तविक HRA, दूसरा मेट्रो शहरों में बेसिक सैलरी और डीए का 50 प्रतिशत और अन्य शहरों में 40 प्रतिशत, और तीसरा है चुकाए गए किराए में से बेसिक सैलरी और डीए के 10 प्रतिशत घटाने के बाद बची रकम। अगर प्रस्ताव लागू होता है तो बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भी बढ़ी हुई HRA छूट का लाभ मिलेगा।

ड्राफ्ट पर चर्चा, अंतिम फैसला होना बाकी

फिलहाल यह बदलाव ड्राफ्ट इनकम-टैक्स नियम 2026 में पेश किया गया है। सरकार ने इस ड्राफ्ट पर सभी पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अंतिम निर्णय इन सुझावों और आपत्तियों के आधार पर लिया जाएगा। नियम लागू होने पर महंगे शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को टैक्स में वास्तविक राहत मिलेगी और HRA नियमों की श्रेणी में समानता आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए वित्तीय राहत और महंगे शहरों में जीवनयापन आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments