चंडीगढ़ में अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल मिलने से हड़कंप मच गया। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत, पंजाब-हरियाणा सचिवालय और सेक्टर-10 के सरकारी स्कूल को निशाना बनाने की धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हालांकि जांच के दौरान कहीं से भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
तीन महत्वपूर्ण स्थानों को मिली धमकी
चंडीगढ़ में धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। जिन स्थानों को धमकी दी गई, उनमें सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत, पंजाब-हरियाणा सचिवालय और सेक्टर-10 का सरकारी स्कूल शामिल हैं।
धमकी की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंची। इसके बाद एसएसपी कार्यालय से सूचना संबंधित टीमों को भेजी गई और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सक्रिय कर दिया गया।
पुलिस और सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंचीं
सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें संबंधित स्थानों पर पहुंचीं। आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए परिसरों की सुरक्षा जांच शुरू की गई। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए।
बम निरोधक दस्ते और अन्य विशेषज्ञ टीमों को भी अलर्ट किया गया। परिसरों और आसपास के क्षेत्रों की जांच की गई।
जांच में नहीं मिली संदिग्ध वस्तु
सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी स्थान से संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ई-मेल की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी वाला ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है।

तकनीकी टीम खंगाल रही ई-मेल की जानकारी
पुलिस की तकनीकी टीम ई-मेल से जुड़े डिजिटल विवरण जुटा रही है। ई-मेल के स्रोत, भेजने वाले और उसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदेश किसी वास्तविक खतरे से जुड़ा था या फिर दहशत फैलाने के इरादे से फर्जी ई-मेल भेजा गया।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
तीनों स्थानों की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ई-मेल की तकनीकी जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी धमकी हुई तो भी होगी कार्रवाई
अगर जांच में यह ई-मेल फर्जी पाया जाता है और इसका उद्देश्य केवल दहशत फैलाना साबित होता है, तब भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता धमकी की वास्तविकता का पता लगाने और संबंधित स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
चंडीगढ़ के तीन महत्वपूर्ण स्थानों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। तलाशी में कोई विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन ई-मेल के स्रोत की जांच जारी है। अब जांच के नतीजों से ही स्पष्ट होगा कि यह वास्तविक खतरा था या फर्जी धमकी।

