नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में लोकसभा सचिवालय के एक निदेशक का शव उनके फ्लैट में फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें कर्ज का उल्लेख होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
फ्लैट के अंदर मिला शव
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 40 वर्षीय गौरव गौतम के रूप में हुई है, जो लोकसभा सचिवालय में निदेशक के पद पर कार्यरत थे। रविवार को उनका शव सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के फ्लैट में छत के पंखे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
पत्नी ने दरवाजा खुलवाया
पुलिस के अनुसार, घटना के समय गौरव गौतम की पत्नी अपने मायके गई हुई थीं। जब वह वापस लौटीं तो फ्लैट अंदर से बंद मिला। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड की मदद से दरवाजा खुलवाया। अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने गौरव गौतम को फंदे से लटका देखा। इसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
अस्पताल से सूचना मिलने के बाद फेज-2 थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जरूरी साक्ष्य एकत्र किए और पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के लिए घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है।
कथित सुसाइड नोट की जांच
पुलिस ने बताया कि फ्लैट से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसमें कर्ज का जिक्र किया गया है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट की सत्यता और उसमें लिखी बातों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
सभी पहलुओं से हो रही जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच केवल कथित सुसाइड नोट तक सीमित नहीं है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। फिलहाल पुलिस हर पहलू की गहन जांच में जुटी है। मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही मिल सकेगी।

