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Saturday, September 5, 2026
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बिहार में आवारा पशुओं पर लगेगी लगाम, ABC नियम लागू; बक्सर-मुंगेर में खुलेंगे हीफर केंद्र

बिहार में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने नई पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पशु प्रबंधन से जुड़े अहम फैसलों के साथ नस्ल सुधार और शहरी विकास को भी गति देने का निर्णय लिया गया।

राज्य में लागू होंगे ABC नियम

बिहार सरकार ने केंद्र के पशु प्रजनन नियंत्रण (ABC) नियम, 2023 को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला 2 सितंबर 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

सरकार के मुताबिक, नियम लागू होने के बाद आवारा पशुओं की पहचान, पंजीकरण, बंध्याकरण और टीकाकरण के लिए पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य पशुओं की आबादी को वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से नियंत्रित करना है।

पशुपालन क्षेत्र को मिलेगा व्यवस्थित ढांचा

पशुपालन बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। सरकार का मानना है कि ABC नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से आवारा पशुओं के प्रबंधन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

इसके साथ ही पशुओं के टीकाकरण और रिकॉर्ड तैयार करने जैसी गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे शहरों में आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार में आवारा पशुओं पर लगेगी लगाम, ABC नियम लागू; बक्सर-मुंगेर में खुलेंगे हीफर केंद्र

बक्सर और मुंगेर में बनेंगे हीफर केंद्र

कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत दो हीफर पालन केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इनमें एक केंद्र बक्सर के डुमरांव और दूसरा मुंगेर में बनाया जाएगा।

प्रत्येक केंद्र में करीब 500 कम उम्र की गायों यानी हीफर का पालन किया जाएगा। इन केंद्रों का फोकस बेहतर नस्ल के पशुओं को तैयार करने और पशुपालन व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा।

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा दूध उत्पादन

इन केंद्रों में आधुनिक प्रजनन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बेहतर नस्ल के दुधारू पशुओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

सरकार को उम्मीद है कि नस्ल सुधार से भविष्य में दूध उत्पादन बढ़ेगा और इसका सीधा फायदा पशुपालकों की आय पर भी पड़ेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की भूमिका को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शहरी विकास योजना 2030-31 तक जारी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की अवधि बढ़ाने का भी फैसला किया है। अब यह योजना 2026-27 में समाप्त होने के बजाय 2030-31 तक जारी रहेगी

इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है। यानी एक ही कैबिनेट बैठक में सरकार ने आवारा पशुओं के प्रबंधन, पशु नस्ल सुधार और शहरी सुविधाओं—तीनों मोर्चों पर आगे की राह तय की है।

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