बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मतदान करने के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने एनडीए उम्मीदवार की जीत का दावा किया और चुनाव में स्थानीय जुड़ाव को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर पर भी सवाल उठाए।
परिवार के साथ किया मतदान
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान रामकृपाल यादव अपने परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि बांकीपुर की जनता विकास, जनसेवा और क्षेत्र से जुड़े नेतृत्व के पक्ष में मतदान कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को स्पष्ट जनादेश मिलेगा।
प्रशांत किशोर पर साधा निशाना
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मतदाता ऐसे व्यक्ति को पसंद करते हैं, जो क्षेत्र से जुड़ा हो और लोगों के बीच लगातार मौजूद रहता हो। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशांत किशोर बांकीपुर के निवासी हैं और क्या उन्हें इलाके की स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी है। यह रामकृपाल यादव का राजनीतिक बयान है।

स्थानीय नेतृत्व को बताया चुनाव का मुद्दा
रामकृपाल यादव ने कहा कि बांकीपुर के मतदाता हमेशा ऐसे प्रतिनिधि को प्राथमिकता देते हैं, जो क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहा हो। उन्होंने कहा कि पहले नितिन नवीन को जनता का समर्थन मिला और अब वही विश्वास एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, राजनीति में केवल संसाधन नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना अधिक महत्वपूर्ण है।
जन सुराज समर्थकों पर कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रिया
जन सुराज के समर्थकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में रामकृपाल यादव ने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो पुलिस अपने अधिकारों के अनुसार कार्रवाई करेगी। यह उनका राजनीतिक पक्ष है।
चुनावी माहौल पर सबकी नजर
बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतदान के साथ-साथ नेताओं के बयान भी चुनावी माहौल को और गर्म कर रहे हैं। अब सभी की नजर मतगणना और अंतिम नतीजों पर है, जो तय करेंगे कि मतदाताओं ने किस पर भरोसा जताया।
बांकीपुर उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक रणनीतियों की भी परीक्षा माना जा रहा है। मतदान के बाद नेताओं के दावे और आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं का होगा, जो मतगणना के बाद सामने आएगा।

