NATIONAL NEWS (Pockets news): मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। CEC के खिलाफ जन महाभियोग की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को विपक्ष ने जन महाभियोग नाम दिया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि विपक्ष के पास इस तरह का कार्यक्रम संसद के बाहर करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
शशि थरूर का कहना है कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। विपक्ष को लगता है कि ज्ञानेश कुमार अब निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने की जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। थरूर ने बताया कि विपक्षी दलों की तरफ से महाभियोग का नोटिस लोकसभा और राज्यसभा में दिया गया था लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे में विपक्ष ने संसद के बाहर अपना विरोध जताने का फैसला किया।
थरूर ने यह भी कहा कि अगर गृह मंत्री राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी और लोकसभा अध्यक्ष से महाभियोग का नोटिस स्वीकार करने की बात कह दें तो विपक्ष संसद के अंदर ही यह प्रक्रिया अपनाने को तैयार है। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली को लेकर भी बात की। उनका कहना है कि रैली की अनुमति मिल चुकी है और इसमें देश के अलग अलग हिस्सों से लोग पहुंचने वाले हैं।
उधर बीजेपी ने कांग्रेस के इस कार्यक्रम पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इसे लोकतंत्र का मजाक और राजनीतिक नौटंकी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राहुल गांधी को खुश करने के लिए मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए लोगों के बीच गलत संदेश देने की कोशिश कर रही है।
सुधांशु त्रिवेदी ने वर्ल्ड बैंक की 2025 की रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में भारत में गरीबी कम होने की बात कही गई है और साल 2012 से 2023 के बीच 27 दशमलव 6 फीसदी आबादी के अत्यधिक गरीबी से बाहर आने का जिक्र है।
खरगे के आवास पर हुए इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता पहुंचे। कार्यक्रम में कथित वोट चोरी और SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। खरगे ने CEC के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया और राहुल गांधी ने कार्यक्रम के आखिर में अपनी बात रखी।
अब इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

