DELHI NEWS(Pocket news): शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत की नई किताब को लेकर इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। संजय राउत की किताब में विजय माल्या को लेकर ऐसी बातें लिखी गई हैं जिन्होंने सबको हैरान कर दिया है। राउत ने अपनी किताब में माल्या का बचाव करते हुए कहा है कि उनकी नीयत किसी को धोखा देने की नहीं थी और उन्हें फ्रॉड कहना ठीक नहीं है।
संजय राउत की नई किताब का नाम बोध कीर्तन है। इसका विमोचन शनिवार को होने वाला है। इस मौके पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी मौजूद रहेंगे। किताब के कुछ हिस्से सामने आने के बाद से ही इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसमें राउत ने अपने अनुभवों और मुलाकातों के आधार पर कई लोगों और मुद्दों पर अपनी राय रखी है।
विजय माल्या के बारे में लिखते हुए संजय राउत ने बताया कि वह उन्हें काफी करीब से जानते थे। संसद और सेंट्रल हॉल में दोनों की कई बार मुलाकात होती थी। राउत के मुताबिक माल्या का व्यवहार मिलनसार था और वह हंसमुख स्वभाव के इंसान थे। उन्होंने यह भी लिखा कि माल्या की आलीशान जिंदगी को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां थीं।
राउत ने अपनी किताब में आगे लिखा कि माल्या को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। जब उनका कारोबार मुश्किल में आया और बैंकों का कर्ज बाकी रह गया तो उन्हें थोड़ी राहत दी जानी चाहिए थी। उन्होंने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दस साल में कई उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए गए लेकिन माल्या को राहत नहीं मिली। हालांकि ये सभी बातें संजय राउत की अपनी राय हैं।
इस किताब में सबसे दिलचस्प बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी है। संजय राउत ने मोदी के राजनीतिक भाषणों पर भले ही सवाल उठाए हों लेकिन उनके गैर राजनीतिक भाषणों की तारीफ की है। खासतौर पर अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान भगवान राम पर दिए गए उनके भाषण को राउत ने काफी अच्छा बताया है।
उन्होंने उस भाषण को शब्दों का भावुक दीपोत्सव बताया और लिखा कि भगवान राम के आदर्श लोगों को सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं।
एक तरफ विजय माल्या को लेकर राउत की राय चर्चा में है तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। अब देखना होगा कि किताब के विमोचन के बाद इस पर राजनीतिक दलों की तरफ से कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।

