मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के बीच बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता डॉ. दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश नहीं करने की नसीहत भी दी।
विपक्ष पर दिलीप जायसवाल का तीखा हमला
मंगलवार, 6 अक्टूबर को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिलीप जायसवाल ने INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सत्ता की बेचैनी में देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
जायसवाल ने कहा कि विपक्ष के लोग जिस तरह से देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं, उसके लिए भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश पर भरोसा किया जाना चाहिए।

‘इंस्टाग्राम और फेसबुक से देश नहीं चलेगा’
बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम और फेसबुक की ताकत के भरोसे देश को अस्थिर करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
इसी दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं के लिए बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर जनता जाग गई तो वह ऐसे लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर जवाब देगी। उन्होंने कहा कि देश इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया से नहीं, बल्कि विचारधारा से चलेगा।
SIR पर क्या बोले दिलीप जायसवाल?
दिलीप जायसवाल ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटने चाहिए। इसी तरह अगर किसी मतदाता का नाम दो जगह दर्ज है तो उसे एक जगह से हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान कई इलाकों में स्थानीय लोग ऐसे नामों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो लंबे समय से वहां रह ही नहीं रहे हैं। जायसवाल ने इसे ही SIR की प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
‘विपक्ष लंगटई पर उतर गया है’
दिलीप जायसवाल ने कहा कि विपक्षी दल सत्ता से दूरी के कारण बेचैनी में हैं। उन्होंने बिहार में इस्तेमाल होने वाले शब्द ‘लंगट हो जाना’ का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष के लोग ‘लंगटई पर उतर गए हैं’।
उन्होंने विपक्ष से जनता और लोकतंत्र पर भरोसा रखने की अपील की। साथ ही कहा कि मौजूदा सरकार को जनता के जनादेश के आधार पर काम करने का मौका दिया जाना चाहिए।
INDIA ब्लॉक का SIR और CEC के खिलाफ मार्च
दरअसल, INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे पर विरोध मार्च निकाला। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं तथा CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, बीजेपी और उसके नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करना और मृत या दोहरी प्रविष्टियों को हटाना चुनाव प्रक्रिया को दुरुस्त करने का हिस्सा है।
बिहार में भी सियासी टकराव तेज
दिल्ली के बाद बिहार में भी विपक्षी दलों की ओर से SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर आक्रोश मार्च की तैयारी की जा रही है। ऐसे में दिलीप जायसवाल का बयान सियासी टकराव को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की कवायद बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।
CEC और SIR को लेकर INDIA ब्लॉक और बीजेपी के बीच टकराव अब सड़क से लेकर राजनीतिक मंचों तक पहुंच गया है। विपक्ष जहां चुनाव आयोग से जवाबदेही और बदलाव की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी नेता SIR का बचाव करते हुए विपक्ष पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने का आरोप लगा रहे हैं। दिलीप जायसवाल की तीखी टिप्पणी ने इस विवाद को और सुर्खियों में ला दिया है।

