पंजाब के चर्चित ड्रग्स मामले में सियासी बयानबाजी के बीच जांच का दायरा फिर चर्चा में है। AAP नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने SIT से बिक्रम सिंह मजीठिया और जगदीश सिंह भोला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की मांग की है। दोनों को 5 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
SIT ने दोनों को एक ही दिन बुलाया
पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम ने SAD नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया तथा ड्रग्स मामले में दोषी ठहराए जा चुके जगदीश सिंह भोला को 5 अक्टूबर को पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों को एक ही दिन बुलाए जाने से आमने-सामने पूछताछ की संभावना की चर्चा शुरू हुई है, हालांकि SIT ने अभी ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
धालीवाल ने की आमने-सामने पूछताछ की मांग
AAP नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए मजीठिया और भोला से आमने-सामने पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने नशे के नेटवर्क से जुड़े पुराने आरोपों का हवाला देते हुए जांच को आगे बढ़ाने की बात कही। धालीवाल के ये आरोप राजनीतिक बयान हैं; मजीठिया इन मामलों में अपनी भूमिका से इनकार करते रहे हैं और जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।
मजीठिया के खिलाफ मामला क्या है?
मजीठिया का नाम 2013-14 में सामने आए सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क की जांच के दौरान सामने आया था। पंजाब पुलिस ने दिसंबर 2021 में NDPS Act के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। 2025 में इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने की रिपोर्ट भी सामने आई। हालांकि, आरोप साबित होना और जांच के दौरान किसी व्यक्ति का आरोपी होना अलग-अलग कानूनी स्थिति है।

राजनीतिक बदले के आरोप पर धालीवाल का जवाब
धालीवाल ने अकाली दल की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक बदले के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य पंजाब को नशामुक्त करना है और जांच कानून के मुताबिक आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बीच मजीठिया पक्ष लगातार इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ता रहा है। इसलिए जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और साक्ष्य इस विवाद में महत्वपूर्ण होंगे।
गुजरात और बॉर्डर को लेकर भी हमला
धालीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के बंदरगाहों से पंजाब की ओर ड्रग्स पहुंच रही है और केंद्र को इस पर जवाब देना चाहिए। ये आरोप धालीवाल के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने पंजाब-पाकिस्तान सीमा से ड्रोन, हथियार और नशे की कथित तस्करी रोकने के लिए केंद्र से एंटी-ड्रोन सिस्टम और सीमा सुरक्षा मजबूत करने की मांग का भी जिक्र किया।
अब 5 अक्टूबर पर नजर
5 अक्टूबर की पूछताछ इसलिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि SIT एक ही मामले में मजीठिया और भोला दोनों से पूछताछ करने वाली है। हालांकि, आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी या दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी, यह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
अब जांच की दिशा इस बात पर टिकी है कि SIT को पूछताछ के दौरान कौन से नए तथ्य और दस्तावेज मिलते हैं। राजनीतिक आरोपों से अलग, मामले की वास्तविक तस्वीर जांच एजेंसी के निष्कर्ष और अदालत में स्वीकार्य साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगी।

