उत्तर प्रदेश की राज्यसभा चुनावी राजनीति के बीच अखिलेश यादव ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने भाजपा विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया, धनराज नथवानी की उम्मीदवारी की वजह बताई और तीसरे प्रत्याशी को लेकर भी संकेत दिए।
BJP विधायकों के संपर्क में होने का दावा
राज्यसभा चुनाव को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी को वादा करके बाद में उसे पूरा न करना उनकी राजनीति का तरीका नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दूसरे दलों के विधायक समर्थन देना चाहते हैं तो उन्हें सपा में किस तरह समायोजित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है। सपा ने फिलहाल रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है।
तीसरी सीट पर अभी सस्पेंस
अखिलेश यादव से जब तीसरे प्रत्याशी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि गिनती पूरी होने के बाद नाम बताया जाएगा। उन्होंने पिछली राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन की हार के कारणों से कई लोग परिचित हैं।
सपा की ओर से तीसरी सीट के लिए समर्थन जुटाने की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी के पास अपनी मौजूदा संख्या के आधार पर दो सीटों का दावा मजबूत माना जा रहा है। तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
धनराज नथवानी को क्यों चुना?
धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाने के फैसले को लेकर अखिलेश यादव ने इसे उद्योग जगत से जुड़ने की दिशा में कदम बताया। उन्होंने कहा कि नथवानी नई पीढ़ी और नई सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं।
नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी हैं और खेल प्रशासन में भी उनकी भूमिका रही है। वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े रहे हैं। सपा का यह चयन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं आते।

बृजभूषण शरण सिंह पर भी बोले
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके संबंध अच्छे हैं और उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर दोनों एकमत हो सकते हैं। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने भी बुधवार को अखिलेश यादव को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी की और कहा कि “अखिलेश के बिना सब सूना है।”
इन बयानों के बीच बृजभूषण के सपा में आने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
दिव्या मित्तल और गठबंधन पर क्या कहा?
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने अपने अंदाज में कहा कि अब उन्हें तय करना होगा कि वह “हरा गमछा” पहनेंगी या “लाल गमछा”। यह टिप्पणी राजनीतिक पहचान और संभावित जुड़ाव के संदर्भ में थी।
कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश ने कहा कि जो गठबंधन पहले था, वही रहेगा। वहीं, सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि सपा के लिए जीत आधार होगी। हाल में कांग्रेस और सपा के बीच उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा चल रही है।
किसानों के मुद्दे पर भी बड़ा फोकस
अखिलेश यादव ने किसान सम्मेलन में कृषि से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने सस्ती बिजली, मुफ्त सिंचाई और कृषि मशीनरी को सस्ता करने की बात कही। उन्होंने गन्ना किसानों को 24 से 48 घंटे में भुगतान करने का भी दावा किया।
उन्होंने खाद और DAP की उपलब्धता तथा इथेनॉल से होने वाले लाभ में किसानों की हिस्सेदारी का सवाल भी उठाया। ये फिलहाल सपा अध्यक्ष द्वारा घोषित राजनीतिक वादे और प्रस्ताव हैं।
राज्यसभा चुनाव से आगे की राजनीति
राज्यसभा चुनाव अब सिर्फ उम्मीदवारों के नाम तक सीमित नहीं दिख रहा। भाजपा और सपा दोनों अपने-अपने विधायकों के समर्थन और संख्या को लेकर रणनीति बना रहे हैं। सपा ने धनराज नथवानी के जरिए उद्योग जगत से जुड़ा चेहरा सामने रखा है, जबकि तीसरे उम्मीदवार का नाम अभी रहस्य बना हुआ है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि सपा तीसरी सीट के लिए किसे मैदान में उतारती है और क्या अखिलेश यादव द्वारा किए गए भाजपा विधायकों के संपर्क वाले दावे चुनावी प्रक्रिया में किसी वास्तविक समर्थन में बदलते हैं।

