चंडीगढ़ में शुक्रवार को चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सड़क पर उतर आया। हरियाणा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-17 स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और आगे बढ़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की ओर मार्च
हरियाणा कांग्रेस ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सेक्टर-17 स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की तरफ बढ़े। प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी संजय दत्त, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को उठाया तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखने की कोशिश की।
पुलिस ने लगाए बैरिकेड
प्रदर्शनकारियों को मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की ओर आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए थे। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर काफी संख्या में कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, CEO कार्यालय सेक्टर-17, चंडीगढ़ में स्थित है। वेबसाइट पर 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ी जानकारी और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया भी उपलब्ध है।

हुड्डा और दीपेंद्र भी प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद रहे। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ता भी चंडीगढ़ पहुंचे।
इससे पहले दीपेंद्र हुड्डा ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं और निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर जवाब भी दिए गए हैं।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कथित “वोट चोरी” और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए।
वहीं, हरियाणा में SIR प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आधिकारिक स्तर पर विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार 26 और 27 सितंबर को बूथ स्तर पर दावे एवं आपत्तियां लेने के लिए विशेष अभियान निर्धारित है।
चुनावी प्रक्रिया पर जारी राजनीतिक बहस
चंडीगढ़ का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब देश के कई हिस्सों में कांग्रेस चुनाव आयोग और SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। शुक्रवार को अन्य राज्यों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की खबरें सामने आईं।
हरियाणा में हुआ यह प्रदर्शन अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता पर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।
आगे क्या?
हरियाणा कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि चुनाव अधिकारी और निर्वाचन आयोग इन राजनीतिक सवालों पर क्या जवाब देते हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों के लिए निर्धारित आधिकारिक प्रक्रिया उपलब्ध है। ऐसे में राजनीतिक दावों और आधिकारिक रिकॉर्ड—दोनों को साथ देखकर स्थिति को समझना महत्वपूर्ण होगा।

