बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक की एक टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने बयान को अपमानजनक बताया, जबकि तेजस्वी यादव ने भी संबंधित अधिकारी से माफी मांगने की मांग की है।
TRE-4 परीक्षा को लेकर BPSC का बड़ा अपडेट
बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4 को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से धरने पर बैठे हैं।
इसी बीच सोमवार, 24 अगस्त को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा से जुड़ी स्थिति स्पष्ट की। आयोग के मुताबिक TRE-4 परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी और इसमें निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी से विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह से छात्रों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया मांगी गई। खासतौर पर 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को लेकर उठ रहे सवालों का जिक्र हुआ।
जवाब देते हुए परीक्षा नियंत्रक ने कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।” उन्होंने आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी के पास तथ्य हैं तो वह अदालत का रुख कर सकता है।
छात्रों ने जताई नाराजगी
अधिकारी की इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने BPSC के खिलाफ नाराजगी जताई।

प्रदर्शनकारियों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि परीक्षा नियंत्रक का बयान अभ्यर्थियों का अपमान है। छात्रों ने यह भी कहा कि आंदोलन करने वालों की बात सुनने के बजाय उन्हें इस तरह संबोधित करना उचित नहीं है।
तेजस्वी यादव ने मांगी माफी
BPSC परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र में स्वीकार नहीं की जा सकती और संबंधित व्यक्ति को माफी मांगनी चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि अभ्यर्थियों की मांगों और उनके सवालों का जवाब तर्क और तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
70वीं BPSC का मुद्दा फिर चर्चा में
पूरे विवाद की एक कड़ी 70वीं BPSC परीक्षा से भी जुड़ रही है। छात्रों की ओर से उस परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक ने अपने जवाब में अदालत का जिक्र करते हुए कहा कि यदि आरोपों में तथ्य हैं तो संबंधित लोग न्यायिक रास्ता अपना सकते हैं। उनके इस जवाब ने हालांकि विवाद को शांत करने के बजाय और बढ़ा दिया।
अब परीक्षा से ज्यादा बयान पर चर्चा
TRE-4 की परीक्षा को लेकर छात्रों की मुख्य चिंता परीक्षा प्रक्रिया और उनकी मांगों से जुड़ी है। BPSC ने दो चरणों में परीक्षा और निगेटिव मार्किंग को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी ने आंदोलन को नया मुद्दा दे दिया है।
अब छात्रों और आयोग के बीच संवाद कितना आगे बढ़ता है, यह महत्वपूर्ण होगा। भर्ती परीक्षा जैसी प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का भरोसा सबसे अहम होता है। इसलिए विवादित बयानों से ज्यादा जरूरी है कि आयोग परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान तथ्यों के आधार पर करे।

