दिल्ली के आदर्श परीक्षा केंद्र में SSC प्रमोशनल परीक्षा देने पहुंचे कर्मचारियों के लिए रविवार का दिन उम्मीद से ज्यादा तनावपूर्ण रहा। अभ्यर्थियों ने सिस्टम शुरू होने में देरी, तकनीकी गड़बड़ी, कथित नकल और प्रॉक्सी उम्मीदवारों जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
तय समय पर शुरू नहीं हुई परीक्षा
SSC प्रमोशनल परीक्षा के लिए रविवार 23 अगस्त को उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग सुबह 8 बजे रखी गई थी। प्रवेश सुबह 9 बजे बंद होना था और परीक्षा 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित थी।
हालांकि, कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि कंप्यूटर सिस्टम समय पर शुरू नहीं हुए। कुछ ने दावा किया कि उनका पेपर एक घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ, जबकि कुछ उम्मीदवारों के अनुसार परीक्षा खत्म होने तक उनका सिस्टम लॉग-इन नहीं हो सका।
स्क्रीन पर अपने आप विकल्प चुनने का दावा
कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी का भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि कंप्यूटर स्क्रीन पर बिना क्लिक किए ही कुछ उत्तर विकल्प अपने आप चयनित हो रहे थे।
यदि यह दावा जांच में सही साबित होता है तो परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों से हुई बहस
सिस्टम संबंधी समस्याओं को लेकर परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों और अधिकारियों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं, लेकिन उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
कुछ उम्मीदवारों ने विरोध में परीक्षा से वॉकआउट करने का दावा भी किया है।
नकल और प्रॉक्सी के आरोप
परीक्षा केंद्र में कथित नकल और प्रॉक्सी उम्मीदवारों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कुछ उम्मीदवारों का दावा है कि परीक्षा हॉल में कुछ लोग एक-दूसरे को उत्तर बता रहे थे।
वहीं, कुछ ने आरोप लगाया कि कुछ कंप्यूटर सिस्टम पर वास्तविक उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोग बैठे थे। इन दावों की भी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
CCTV जांच की मांग
अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फुटेज और तकनीकी लॉग की जांच से परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
ऐसी जांच से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित नकल या प्रॉक्सी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
प्रमोशन से जुड़ी थी परीक्षा
इस परीक्षा की अहमियत इसलिए भी अधिक थी क्योंकि यह सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़ी थी। कई अभ्यर्थियों के मुताबिक वे लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
कुछ उम्मीदवारों ने बताया कि उन्हें अतिरिक्त समय मिला और उन्होंने परीक्षा पूरी कर ली, जबकि अन्य का दावा है कि सिस्टम शुरू न होने के कारण वे परीक्षा नहीं दे सके।
अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों ने SSC प्रमोशनल परीक्षा की व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। CCTV फुटेज, तकनीकी रिकॉर्ड और परीक्षा केंद्र की रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच से ही पता चलेगा कि वास्तव में गड़बड़ी कहां और कितनी हुई।

