बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान सोमवार, 17 अगस्त 2026 को किया गया। नितिन नबीन के नेतृत्व वाली इस टीम में बिहार से तीन नेताओं को जगह मिली है। इनमें शिवेश कुमार राम, ऋतुराज सिन्हा और सिद्धार्थ शंभू शामिल हैं।
तीनों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे बिहार बीजेपी में नई टीम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
शिवेश कुमार राम बने SC मोर्चा अध्यक्ष
शिवेश कुमार राम को बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वह हाल ही में राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इससे पहले उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।
भोजपुर जिले से आने वाले शिवेश राम बीजेपी संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। नई जिम्मेदारी के साथ उनका काम देशभर में पार्टी के एससी संगठन को मजबूत करने से जुड़ा होगा।
सिद्धार्थ शंभू को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी
तीनों नेताओं में सिद्धार्थ शंभू का नाम भी खास है। उन्हें राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इससे वह बीजेपी के केंद्रीय संगठन में काम करेंगे।
सिद्धार्थ शंभू इससे पहले बिहार बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। राज्य संगठन में काम करने के अनुभव के बाद राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

ऋतुराज सिन्हा भी राष्ट्रीय टीम में
बिहार से ऋतुराज सिन्हा को भी नई टीम में जगह मिली है। उन्हें प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। यह भूमिका पार्टी के अलग-अलग प्रकोष्ठों के बीच समन्वय से जुड़ी है।
उनकी मौजूदगी से बिहार को संगठन के ऐसे हिस्से में भी प्रतिनिधित्व मिला है, जहां पार्टी की अलग-अलग सामाजिक और पेशेवर इकाइयों के साथ संपर्क महत्वपूर्ण होता है।
बिहार को बड़े पद नहीं मिलने पर चर्चा
बिहार से तीन नेताओं को जगह मिलने के बावजूद राजनीतिक हलकों में एक सवाल चर्चा में है। नई टीम में बिहार से किसी नेता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष या राष्ट्रीय महामंत्री नहीं बनाया गया है।
खास बात यह है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन खुद बिहार से आते हैं। ऐसे में राज्य को मिले प्रतिनिधित्व और पदों की वरिष्ठता को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर अलग-अलग राजनीतिक आकलन किए जा रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने दी बधाई
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नितिन नबीन की नई टीम में जिम्मेदारी पाने वाले नेताओं को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि नए दायित्व पाने वाले कार्यकर्ता अपने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता से पार्टी को और मजबूत करेंगे।
उन्होंने सभी नेताओं के सफल कार्यकाल और जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन की शुभकामना भी दी।
अब राष्ट्रीय भूमिका पर नजर
बिहार के तीन नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलना राज्य संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महामंत्री जैसे शीर्ष पदों पर बिहार की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चा जारी है।
आने वाले समय में इन तीनों नेताओं का प्रदर्शन और राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका यह तय करेगी कि बिहार से मिली इन जिम्मेदारियों का पार्टी के विस्तार पर कितना असर पड़ता है। नितिन नबीन की नई टीम में बिहार को तीन चेहरे मिले हैं, लेकिन बड़े संगठनात्मक पदों पर राज्य की अनुपस्थिति ने एक अलग राजनीतिक संदेश भी पैदा किया है। अब इन तीनों नेताओं के कामकाज पर सबकी नजर रहेगी।

