गोरखपुर में तिरंगे के साथ निकली यात्रा ने शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर लोगों का उत्साह बढ़ाया और काकोरी कांड के इतिहास को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला।
तिरंगा लेकर तीन किलोमीटर पैदल चले योगी
सोमवार को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में तिरंगा यात्रा निकाली गई। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में शहरवासी, महिलाएं और स्कूली बच्चे शामिल हुए।
मुख्यमंत्री खुद हाथ में तिरंगा लेकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चले। पूरे रास्ते देशभक्ति का माहौल नजर आया। लोगों के हाथों में तिरंगे लहरा रहे थे और जगह-जगह ‘जय श्रीराम’ के नारे भी सुनाई दिए।
गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण से शुरुआत
तिरंगा यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने नगर निगम परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा टाउनहॉल से होते हुए गोलघर चौराहा, गणेश चौराहा, कालीमंदिर और यातायात चौराहा पहुंची। इसके बाद महाराणा प्रताप चौक पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पार्चन के साथ यात्रा का समापन हुआ।

‘तिरंगा आजादी का मंत्र है’
यात्रा से पहले अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के क्रांतिकारी युवाओं के आदर्श हैं और उनके बलिदान को याद रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि “तिरंगा आजादी का मंत्र है।” मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील भी की।
काकोरी कांड को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक काकोरी की ट्रेन घटना को ‘डकैती’ के रूप में पढ़ाया जाता रहा। उन्होंने इसे क्रांतिकारियों का अपमान बताया।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, अंग्रेजों ने काकोरी की घटना को डकैती कहा था और स्वतंत्रता के बाद भी इसे लंबे समय तक उसी नजरिए से पढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों के योगदान को सम्मान देने की जरूरत है।
युवाओं को इतिहास से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के योगदान को सम्मान देने का काम किया है। उनके मुताबिक, तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन युवाओं को देश के इतिहास, गौरव और बलिदान से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तिरंगा अपने घर ले जाएं और उसके साथ सेल्फी भी लें।
गुब्बारे उड़ाकर दिया एकता का संदेश
तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों और महिलाओं की खास भागीदारी देखने को मिली। रास्तेभर लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा का हिस्सा बनाया।
यात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री ने गुब्बारे उड़ाकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।
गोरखपुर की यह तिरंगा यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इतिहास, राष्ट्रभक्ति और नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ने का मंच भी बनी। मुख्यमंत्री के काकोरी कांड पर दिए बयान ने इस आयोजन को राजनीतिक बहस का विषय भी बना दिया है।

