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Tuesday, August 18, 2026
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दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा में मतभेद की अटकलों पर नरोत्तम मिश्रा की सफाई

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर मतभेद की चर्चाओं के बीच पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर उनके और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों के बीच किसी प्रकार की कटुता नहीं है और उनके संबंध पहले की तरह मजबूत हैं।

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातों को बताया निराधार

नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दतिया उपचुनाव के बाद उनके और आशुतोष तिवारी के संबंधों को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह भ्रामक और असत्य हैं। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी उनके अनुज हैं और उनके प्रति उनके मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों की हालिया मुलाकात पहले की तरह आत्मीय और गर्मजोशी भरे माहौल में हुई।

आशुतोष तिवारी की कार्यशैली की सराहना

पूर्व मंत्री ने अपने संदेश में आशुतोष तिवारी को भाजपा का समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव से ही वह आशुतोष तिवारी को एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में जानते हैं। वर्षों तक उनकी कार्यशैली को करीब से देखने के बाद उन्हें विश्वास है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा में मतभेद की अटकलों पर नरोत्तम मिश्रा की सफाई

कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील

नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसा कोई बयान, टिप्पणी या व्यवहार न करें जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष तिवारी को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, अनुशासन और संगठनात्मक संस्कार हैं।

25 वर्षों के रिश्ते का किया जिक्र

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी और उनके बीच करीब 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता है। उन्होंने स्वयं को आशुतोष का अभिभावक बताते हुए कहा कि यह संबंध भविष्य में भी इसी तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा स्थायी होते हैं।

दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा के भीतर मतभेद की चर्चाओं के बीच नरोत्तम मिश्रा का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से एकजुटता पर जोर देते हुए सभी से संगठन के हित को सर्वोपरि रखने की अपील की है।

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