राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (23 जून) को कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले से करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और सामने आ रही खबरों ने लोगों को चिंतित कर दिया है। केजरीवाल ने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
ट्रस्ट और प्रबंधन को लेकर पूछे सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर का संचालन ट्रस्ट द्वारा किया जाता है और पूरे प्रबंधन में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विशेष रूप से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर के प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था को लेकर सबसे अधिक सवाल उन्हीं पर उठाए जा रहे हैं। केजरीवाल ने पूछा कि यदि इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

“जनता जवाब चाहती है”
आप प्रमुख ने कहा कि लोगों के मन में कई सवाल हैं और वे जानना चाहते हैं कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों और पदाधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जानी चाहिए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो उसे पद पर बने रहने देना जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर सकता है।
जांच को लेकर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता यह भी जानना चाहती है कि आरोपों के बावजूद संबंधित व्यक्ति को अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया। उन्होंने सवाल किया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि सबूतों को प्रभावित करने या गवाहों पर असर डालने का अवसर दिया जा रहा हो। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सियासी बहस हुई तेज
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। अब अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

