पंजाब की भगवंत मान सरकार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है। आम आदमी पार्टी ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने का वादा किया था, जिसे अब अमल में लाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में जुलाई महीने से सीधे धनराशि भेजी जाएगी। इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
सामान्य और दलित वर्ग की महिलाओं को अलग-अलग सहायता
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति (दलित) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार लगभग 52 लाख महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही बता चुके हैं कि करीब 40 लाख महिलाओं के कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, जबकि बाकी पात्र महिलाओं को भी जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा और उनके कार्ड बाद में जारी किए जाएंगे।

तीन महीने की राशि एक साथ मिलेगी
सरकार ने इस योजना को 1 अप्रैल 2026 से लागू माना है। ऐसे में अप्रैल, मई और जून महीने की बकाया राशि भी लाभार्थी महिलाओं के खातों में एक साथ ट्रांसफर की जाएगी। माना जा रहा है कि भविष्य में भी सरकार हर तीन महीने के अंतराल पर राशि जारी कर सकती है। हालांकि सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता महिलाएं और पहले से सरकारी पेंशन प्राप्त कर रही कुछ श्रेणियों की महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगी। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
विपक्ष ने उठाए बकाया भुगतान के सवाल
योजना की घोषणा के साथ ही विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ नई घोषणाएं नहीं, बल्कि पिछले चार वर्षों का पूरा बकाया मिलना चाहिए। उनका दावा है कि प्रत्येक पात्र महिला का लगभग 53 हजार रुपये बकाया बनता है। वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी मांग की है कि सरकार अपने कार्यकाल की शुरुआत से अब तक की पूरी राशि महिलाओं को दे। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब जवाबदेही और अपने अधिकार की मांग कर रही हैं।

