पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद राज्य सरकार के मंत्री दिलीप घोष का बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और विपक्ष लगातार राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
टीएमसी शासन पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप
दिलीप घोष ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर रही और आम लोगों के साथ अन्याय हुआ। घोष ने यह भी कहा कि कई जगहों पर सड़कों को बंद कर दिया जाता था और छोटे नेताओं को भी विशेष सुरक्षा दी जाती थी जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी।

जेपी नड्डा पर हमले और पुराने घटनाक्रम का जिक्र
अपने बयान में दिलीप घोष ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उनकी गाड़ियों पर पत्थरबाजी हुई थी और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्हें भी गंभीर चोटें आई थीं। घोष के अनुसार विपक्ष में काम करना आसान नहीं होता और उन्होंने कई बार हिंसा का सामना किया है।
ममता बनर्जी सरकार और अस्पताल व्यवस्था पर सवाल
दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर अस्पताल और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति खराब रही है और कई मामलों में इलाज को लेकर गंभीर लापरवाही देखी गई। उन्होंने यह भी कहा कि कई घटनाओं में एफआईआर दर्ज नहीं की गई और पीड़ितों को न्याय मिलने में कठिनाई हुई। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

