इंदौर में पानी की भारी किल्लत के बीच आम जनता परेशान है लेकिन इसी संकट के बीच कांग्रेस पार्टी के अंदर ही विवाद गहराता जा रहा है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पार्षद राजू भदौरिया पर पानी के टैंकरों को रोकने के आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले ने पार्टी के भीतर तनाव पैदा कर दिया है और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जनता की समस्या को लेकर संघर्ष करने के बजाय नेताओं के बीच आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
शेखर पटेल ने लगाए गंभीर आरोप और वीडियो किया जारी
कांग्रेस के पूर्व सेवा दल अध्यक्ष शेखर पटेल ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और आम लोगों को पानी के टैंकर भरने से रोका गया। शेखर पटेल ने यह भी कहा कि वे शनिवार रात करीब 2 बजे सुखलिया हाइड्रेंट पर पानी लेने पहुंचे थे लेकिन वहां उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसके बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

पार्टी नेतृत्व से नाराजगी और इस्तीफे का ऐलान
शेखर पटेल ने आरोप लगाया है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पार्षद के व्यवहार से वे बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे अब कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके साथ उनके बेटे और बहू भी पार्टी छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं। इस ऐलान ने स्थानीय कांग्रेस संगठन में हड़कंप मचा दिया है और कई कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
इंदौर की राजनीति में बढ़ता तनाव और जनता की मुश्किलें
इंदौर में पहले से ही पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है और ऐसे में नेताओं के बीच यह विवाद जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है। एक तरफ लोग पानी के लिए परेशान हैं वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों में आपसी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम से पार्टी की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं और संगठनात्मक एकता पर असर पड़ता दिख रहा है। स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान निकाले ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

