नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले की जांच अब और तेज हो गई है। पुलिस और एसआईटी (SIT) अलग-अलग एंगल से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के बैंक खातों की भी गहन पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें इस कथित अपराध के लिए किसी तरह की आर्थिक मदद या भुगतान मिला था। यह मामला सामने आने के बाद आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट वर्ल्ड में भी चिंता बढ़ गई है।
सात कर्मचारी गिरफ्तार एक महिला आरोपी अभी फरार
पुलिस जांच के अनुसार अब तक कुल सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एक महिला मैनेजर का नाम सामने आया है। वहीं एक अन्य महिला कर्मचारी अभी भी फरार बताई जा रही है। इस पूरे मामले में स्थानीय अदालत ने महिला मैनेजर की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है ताकि पूछताछ को आगे बढ़ाया जा सके और अहम सबूत जुटाए जा सकें।

शिकायतों की अनदेखी और HR पर गंभीर आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ित महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और HR विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुल आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर पहले एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। आरोप है कि उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया और उनकी शिकायतों को समय पर गंभीरता से नहीं लिया गया। इस मामले ने कंपनी के अंदर कामकाज के माहौल और शिकायत निवारण प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कंपनी और टाटा समूह की प्रतिक्रिया
Tata Group की ओर से इस मामले को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। इसके साथ ही आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है और आंतरिक जांच जारी है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी इस घटना को दुखद बताया और कहा कि Tata Consultancy Services की COO के नेतृत्व में एक विस्तृत जांच की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।

