अमेरिकी फूड ब्रांड Dunkin’ Donuts के भारत से बाहर निकलने को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कंपनी के भारतीय पार्टनर Jubilant FoodWorks Limited ने फ्रेंचाइजी समझौते को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह समझौता 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद भारत में डंकिन डोनट्स के स्टोर्स को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा। इस फैसले के साथ कंपनी के ऑपरेशन्स धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे, जिससे भारतीय फूड और QSR (Quick Service Restaurant) सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
फैसले के पीछे की वजह और रणनीतिक बदलाव
Jubilant FoodWorks Limited के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण रणनीतिक बदलाव बताया जा रहा है। कंपनी अब अपने प्रमुख ब्रांड्स और मुख्य बाजारों पर अधिक फोकस करना चाहती है। बोर्ड की मंजूरी और आधिकारिक फाइलिंग के बाद यह निर्णय लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, डंकिन डोनट्स के कारोबार में अपेक्षित ग्रोथ नहीं मिल रही थी और लगातार नुकसान की स्थिति भी बनी हुई थी। इन्हीं कारणों से कंपनी ने इस फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट को समाप्त करने का फैसला लिया है, ताकि संसाधनों को अधिक लाभकारी क्षेत्रों में लगाया जा सके।

स्टोर्स बंद करने की प्रक्रिया और आगे की योजना
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में डंकिन डोनट्स के स्टोर्स को अचानक बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। कुछ स्टोर्स को पूरी तरह बंद किया जाएगा, जबकि कुछ को बेचने या अन्य पार्टियों को ट्रांसफर करने की संभावना भी हो सकती है। पूरी प्रक्रिया को नियमों और नियामकीय मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा, ताकि ग्राहकों और कर्मचारियों पर इसका प्रभाव न्यूनतम रहे। इस दौरान कंपनी समय-समय पर अपडेट भी जारी कर सकती है, जिससे ट्रांजिशन सुचारू रूप से हो सके।
जुबिलेंट फूडवर्क्स का ग्लोबल बिजनेस और पोर्टफोलियो
Jubilant FoodWorks Limited की स्थापना 1995 में हुई थी और आज यह कंपनी कई देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। भारत समेत तुर्की, बांग्लादेश, श्रीलंका, अजरबैजान और जॉर्जिया में कंपनी के 3,500 से अधिक स्टोर्स हैं। यह कंपनी Domino’s और Popeyes जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स का संचालन भी करती है। इसके अलावा कंपनी अपने खुद के ब्रांड्स जैसे Hong’s Kitchen और तुर्की में CAFE ब्रांड COFFY भी चलाती है। इस फैसले के बाद कंपनी अपने मजबूत और अधिक लाभकारी ब्रांड्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए भविष्य की रणनीति को आगे बढ़ाएगी।

