back to top
Monday, April 20, 2026
Homeदेशफर्जी बिल और केमिकल के जरिए MDMA बनाने का रैकेट उज्जैन पुलिस...

फर्जी बिल और केमिकल के जरिए MDMA बनाने का रैकेट उज्जैन पुलिस ने किया बेनकाब

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस ने एक बड़े और संगठित ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को लंबे समय से शक था कि आगर रोड स्थित एक गैरेज के जरिए संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जांच के दौरान जब तथ्यों की पुष्टि हुई तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

कृष्णा मोटर्स गैरेज बना अवैध गतिविधियों का केंद्र

पुलिस जांच में सामने आया कि आगर रोड स्थित कृष्णा मोटर्स गैरेज के परिसर में बड़ी मात्रा में केमिकल और पाउडर मंगाए जा रहे थे। यह संदिग्ध इसलिए माना गया क्योंकि इन रसायनों का उपयोग गैरेज के किसी सामान्य काम में नहीं हो रहा था। लगातार आ रहे केमिकल्स ने पुलिस का ध्यान खींचा और गुप्त निगरानी के बाद छापेमारी की गई। मौके पर पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले जो अवैध गतिविधियों की ओर इशारा कर रहे थे और इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया गया।

फर्जी बिल और केमिकल के जरिए MDMA बनाने का रैकेट उज्जैन पुलिस ने किया बेनकाब

छापेमारी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से प्रतिबंधित केमिकल और MDMA बनाने में इस्तेमाल होने वाला पाउडर बरामद किया। बरामदगी में लगभग 75 किलो ब्रोमोपोल क्रिस्टल पाउडर जिसकी कीमत करीब 48 हजार रुपये बताई जा रही है शामिल है। इसके अलावा 8.5 लाख रुपये नकद, तीन फर्जी बिल और एक बलेनो कार भी जब्त की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता उम्र 33 वर्ष, रंजीत उम्र 33 वर्ष और ओमप्रकाश शर्मा उम्र 26 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने गुजरात की केमिकल कंपनियों से फर्जी दस्तावेजों के जरिए खतरनाक रसायन मंगवाए थे।

MDMA बनाने की थी साजिश और नेटवर्क की जांच जारी

आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने इन केमिकल्स को घर की पुताई और कलर के काम के बहाने मंगाया था ताकि किसी को शक न हो। उनका उद्देश्य इन रसायनों का उपयोग करके बड़ी मात्रा में MDMA तैयार करना और उसे अवैध बाजार में ऊंचे दामों पर बेचना था। जांच में यह भी सामने आया है कि यह सिंडिकेट संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क के संपर्क झालावाड़ तक फैले हुए हैं और अन्य लोगों की तलाश जारी है। थाना प्रभारी के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments