मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के कारण पूरी दुनिया पर असर साफ दिख रहा है। कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से कई देशों में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है। बढ़ती महंगाई और खर्चों के दबाव को देखते हुए सरकारें अब राहत देने के लिए नए कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ा फैसला लिया है जो लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ऐलान
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मुफ्त करने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत विक्टोरिया राज्य में 31 मार्च से एक महीने तक लोग बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त सफर कर सकेंगे। वहीं तस्मानिया में यह सुविधा 30 मार्च से 1 जुलाई तक लागू रहेगी। इस दौरान लोग बस और फेरी सेवाओं का बिना किसी शुल्क के इस्तेमाल कर पाएंगे। सरकार का मकसद है कि लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और ईंधन पर खर्च घटे।

महंगाई और सप्लाई संकट बढ़ा चिंता का कारण
ऑस्ट्रेलिया में ईंधन संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई सर्विस स्टेशनों पर ईंधन की कमी की खबरें सामने आई हैं। इसके चलते महंगाई बढ़ने का खतरा भी तेज हो गया है। देश के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि सप्लाई को स्थिर बनाए रखने की कोशिश जारी है। वहीं रिजर्व बैंक ने भी महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दर बढ़ाकर 4.1 प्रतिशत कर दी है। इससे यह साफ है कि आर्थिक दबाव अभी कम होने वाला नहीं है।
सरकार का मकसद और आगे की रणनीति
सरकार का यह कदम सिर्फ राहत देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक रणनीतिक फैसला भी माना जा रहा है। फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ईंधन की खपत कम होगी और लोगों को सस्ता विकल्प मिलेगा। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। आने वाले समय में अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं तो अन्य देश भी ऐसे फैसले ले सकते हैं। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया का यह कदम दुनिया के लिए एक उदाहरण बनकर सामने आया है।

