प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम में घुसपैठ के मुद्दे को केवल चुनावी विषय नहीं बल्कि राज्य की पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके शासनकाल में अवैध घुसपैठियों द्वारा जमीन कब्जाने की घटनाओं को बढ़ावा मिला। पीएम मोदी ने यह बयान भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने आगामी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को प्रभावी तरीके से रखने की अपील की।
घुसपैठ और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिन क्षेत्रों में घुसपैठ होती है वहां धीरे धीरे स्थानीय लोगों के छोटे व्यवसाय और आजीविका पर नियंत्रण बदल जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक संरचना प्रभावित होती है। मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं और मतदाताओं को कांग्रेस के कथित “कुशासन” के बारे में जागरूक करें। उन्होंने चेतावनी दी कि मतदान में की गई छोटी सी गलती भी राज्य को पीछे ले जा सकती है।

शांति विकास और डबल इंजन सरकार का दावा
पीएम मोदी ने कहा कि असम ने अतीत में लंबे समय तक अस्थिरता देखी है लेकिन पिछले एक दशक में स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने इस सुधार का श्रेय केंद्र और राज्य में भाजपा की “डबल इंजन” सरकार को दिया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने के लिए कई समझौते किए हैं और इन समझौतों को गंभीरता से लागू भी किया जा रहा है। उन्होंने बोडोलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब हिंसा और कर्फ्यू के दौर से निकलकर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जमीनी स्तर पर जुड़ने और मतदाताओं को जागरूक करने की अपील
प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर मतदाताओं से संवाद स्थापित करें और उनके अनुभवों को समझें। उन्होंने खासतौर पर चाय बागान क्षेत्रों में लोगों से मिलने और उनकी समस्याओं को सुनने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने असम में चल रही कल्याणकारी योजनाओं जैसे ओरुनोदोई योजना और लखपति दीदी कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यकर्ता इन योजनाओं के लाभों को जनता तक पहुंचाएं। पीएम मोदी ने चुनावी माहौल में एआई जनित फर्जी वीडियो को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि ऐसे माध्यमों से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा सकती है।

